अमेरिका, वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल के अंत में इस्राइल-हमास के बीच संघर्ष विराम कराया था। उन्होंने गाजा में विकास के लिए महत्वकांक्षी गाजा शांति योजना भी पेश की थी। ट्रंप प्रशासन ने 2026 की शुरुआत उत्साह के साथ की और गाजा शांति योजना के लिए बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों का एलान भी कर दिया। लग रहा था कि दुनिया का एक बड़ा विवाद हल होने की तरफ है, लेकिन ग्रीनलैंड का मुद्दा आक्रामक तरीके से उठाकर ट्रंप ने गाजा शांति योजना को खतरे में डाल दिया है। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के करीबी यूरोपीय देश नाराज हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले जनवरी के शुरुआती हफ्ते में वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाने जैसा कदम उठाया। इस कदम को लेकर दुनियाभर के कई देशों ने ट्रंप सरकार की आलोचना की। इसके बाद ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर जबरन कब्जे की बात करनी शुरू कर दी, जिससे नाटो सदस्य डेनमार्क समेत यूरोपीय देशों को भी नाराज कर दिया। स्थिति ये है कि ट्रंप की इस आक्रामक नीति से उनकी गाजा शांति योजना, बोर्ड ऑफ पीस का विस्तार और इस बोर्ड ऑफ पीस की मदद से दुनियाभर के कई संकटों को खत्म करने की योजना, सब खटाई में पड़ गए हैं। बोर्ड ऑफ पीस में बतौर सदस्य शामिल होने के लिए अमेरिका की तरफ से 60 से ज्यादा आमंत्रण भेजे गए हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 10 ने ही अभी तक इस आमंत्रण को स्वीकार किया है।
पंचायत तकनीकी सहायक को रंगे हाथ गिरफ्तार
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