ताइवान, ताइपे : अमेरिका को ताइवान से चिप मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने ताइवान से आग्रह किया था दोनों देश मिलकर 50-50 पार्टनरशिप पर चिप बनाएं। ताइवान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ सेमीकंडक्टर उत्पादन को लेकर किसी भी 50-50 पार्टनरशिप पर सहमत नहीं होगा। हाल ही में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने दावा किया था कि वॉशिंगटन ताइवान से ऐसा प्रस्ताव रखेगा, जिसमें चिप उत्पादन का आधा हिस्सा अमेरिका और आधा हिस्सा ताइवान में किया जाएगा। हालांकि ताइवान की उप प्रधानमंत्री और टैरिफ वार्ता प्रमुख चेंग ली-चियुन ने कहा कि इस तरह का मुद्दा चर्चा में कभी शामिल ही नहीं था। उन्होंने मीडिया से कहा हमारी टीम ने किसी भी तरह के 50-50 प्रोडक्शन डील पर कोई सहमति नहीं दी है और न ही भविष्य में ऐसी शर्तों को स्वीकार करेंगे। मालूम हो कि ताइवान दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता कंपनी टीएसएमसी का घर है। वह दुनिया के 90 प्रतिशत से ज्यादा एडवांस माइक्रोचिप को बनाती है। कंपनी ने हाल ही में अमेरिका के एरिजोना राज्य में 165 अरब डॉलर का निवेश किया है ताकि वहां नई फैक्ट्रियां स्थापित की जा सकें। इसके बावजूद चिप उत्पादन का बड़ा हिस्सा ताइवान में ही रहेगा। वर्तमान में ताइवान का अमेरिका के साथ व्यापार काफी बड़ा है और उसकी अमेरिकी निर्यात पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाता है।
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