नई दिल्ली : विदेश मंत्री ने आज संसद में पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रबयान को लेकर सरकार की ओर से बयान दिया है। उन्होंने घटनाक्रम पर चिंता जताई है। राज्यसभा में विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम हम सभी के लिए गहरी चिंता का विषय हैं। हमारा मानना है कि सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए संवाद और चर्चा का सहारा लेना चाहिए। प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं। राज्यसभा में जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस समय नेतृत्व स्तर पर ईरान के साथ संपर्क स्पष्ट रूप से कठिन है, मैंने ईरानी विदेश मंत्री से बात की है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की स्थिति पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समय नेतृत्व स्तर पर ईरान से संपर्क स्पष्ट रूप से कठिन है। ईरान के विदेश मंत्री ने कोच्चि बंदरगाह पर ईरानी युद्धपोत लावन को डॉक करने की अनुमति देने के इस मानवीय कदम के लिए भारत का आभार जताया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की स्थिति पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कल तक हमारे लगभग 67,000 नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके वापस लौट चुके हैं। पश्चिम एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की स्थिति पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, भारतीय दूतावास ने तेहरान में रह रहे कई भारतीय छात्रों को देश से बाहर स्थानांतरित करने में सहायता की है। व्यापार के सिलसिले में ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया जाने और फिर भारत लौटने में मदद की गई। तेहरान स्थित हमारा दूतावास पूरी तरह से कार्यरत है और हाई अलर्ट पर है। हम इस समय भारतीय समुदाय को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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