इंडोनेशिया, जकार्ता : इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर सेमरू ज्वालामुखी फटने के कारण यहां मरने वालों की संख्या 13 पहुंच गई है। इसकी पुष्टि रविवार को एक टीवी चैनल के हवाले से की गई। वहीं इंडोनेशिया के आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहरी ने बताया कि मरने वाले 13 लोगों में से दो की पहचान कर ली गई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिसमें कई अस्पताल में भर्ती हैं।
सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग ज्वालामुखी फटने के कारण जल गए हैं। इंडोनेशिया के टोबेलो से 259 किमी की दूरी पर उत्तर दिशा की ओर आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे से मिली जानकारी के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 6.0 दर्ज की गई है। हालांकि, नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
ज्वालामुखी विस्फोट के कारण आसमान से राख, मिट्टी और पत्थरों की बारिश हुई। इस कारण प्रोनोजीवो और कैंडिपुरो के दो मुख्य गांवों को जोड़ने वाला एक पुल टूट गया। इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करने वाली एजेंसी यारनेव इंडोनेशिया ने आसमान में फैले राख और धूल को लेकर एयरलाइंस को चेतावनी जारी की है।
गौरतलब है कि सेमेरु, जावा द्वीप का सबसे ऊंचा पर्वत है। यह इंडोनेशिया के 130 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है और सबसे घनी आबादी वाले प्रांतों में से एक में स्थित है। यह इस साल का दूसरा विस्फोट है। पिछला एक जनवरी में हुआ था और इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था।





