अमेरिका, वाशिंगटन : कोरोना वायरस को लेकर अमेरिका के ऊर्जा विभाग ने नया खुलासा करते हुए कहा कि सबसे अधिक संभावना इस बात की है कि यह चीन की एक प्रयोगशाला से उत्पन्न हुआ है। वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि विभाग का निष्कर्ष नई खुफिया जानकारी का परिणाम है और महत्वपूर्ण है क्योंकि एजेंसी के पास काफी वैज्ञानिक विशेषज्ञता है। ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट को वर्गीकृत खुफिया रिपोर्ट के माध्यम से अधिसूचित किया गया है, जिसे हाल ही में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के प्रमुख सदस्यों को सौंपा गया। रिपोर्ट में कहा गया है विभाग पहले वायरस की उत्पत्ति के बारे में अनिश्चित था। हालांकि नेशनल इंटेलिजेंस एवरिल हैन्स कार्यालय के निदेशक द्वारा 2021 के एक दस्तावेज बताया गया है कि कैसे खुफिया समुदाय के विभिन्न हिस्सों ने महामारी की उत्पत्ति के बारे में अलग-अलग निर्णय लिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड -19 वायरस संभवत एक चीनी प्रयोगशाला में दुर्घटना के माध्यम से फैला था। इससे पहले एसबीआई ने भी निष्कर्ष निकाला था कि 2021 में चीन में एक प्रयोगशाला रिसाव के कारण कोरोना वायरस महामारी उत्पन्न हुई थी। एजेंसी अभी भी अपने दृष्टिकोण पर कायम है। गौरतलब है कि 2019 के अंत में पहली बार कोरोना वायरस की पुष्टि चीनी शहर वुहान में हुई थी। इसके बाद से ही इसकी उत्पत्ति के लिए चीन को शक की नजरों से देखा जाता है। दअअसल चीन पर पहले भी इस तरह के प्रयोग करने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि चीन ने हर बार इन आरोपों को खारिज किया है। चीन का कहना है कि वह वायरस बाहर से आया था, या फिर जानवरों से मानवों में आया। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया.24,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास और उद्घाटन
असम, सिलचर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के सिलचर में एक समारोह के दौरान बराक घाटी के कायाकल्प...
Read more






