राजस्थान, चूरू : राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थानी कला, संस्कृति और विरासत संरक्षण अभियान के तत्वावधान में नगर श्री शोध संस्थान के प्रांगण में कन्हैयालाल सेठिया राजस्थानी उछब का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान के गौरव, अमर रचनाकार महाकवि कन्हैयालाल सेठिया की स्मृति और उनके साहित्यिक योगदान को समर्पित रहा। नितिन बजाज के कुशल संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम की परिकल्पना ने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। मंच पर कमलसिंह कोठारी, डॉ. सुरेंद्र डी. सोनी और डॉ. मधुसूदन मालानी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। अतिथियों ने महाकवि सेठिया के कृतित्व और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर अपने विचार साझा किए। आयोजन के दौरान चूरू जिले के गणमान्य नागरिकों और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में एक स्वर से महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। सभा में सर्वसम्मति से मांग की गई कि महाकवि कन्हैयालाल सेठिया द्वारा रचित कालजयी गीत धरती धोरां री को आधिकारिक रूप से राजस्थान का राज्य गीत घोषित किया जाए। उपस्थित जनसमूह ने इस भावना का पुरजोर समर्थन किया। सेठिया की कविताएँ राजस्थान की मिट्टी की खुशबू और यहां के स्वाभिमान का प्रतीक हैं। यह आयोजन उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है। इस उछब (उत्सव) में वक्ताओं ने राजस्थानी कला और संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। चूरू के प्रमुख जनों की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को एक जन-अभियान का रूप प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी को राजस्थान दिवस की मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।
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