पश्चिम बंगाल, पनिहाटी : आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और अब उस पीड़िता की मां, रत्ना देबनाथ, न्याय की इस लड़ाई को चुनावी मैदान तक ले आई हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर पनिहाटी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। राजनीति में अपने इस कदम को उन्होंने व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के बजाय जनता के अधिकारों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक व्यापक संघर्ष बताया है। नामांकन के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए रत्ना देबनाथ ने कहा कि उनकी उम्मीदवारी पनिहाटी की जनता की जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव वह खुद के लिए नहीं बल्कि उन लोगों के लिए लड़ रही हैं जो असुरक्षित महसूस करते हैं। अपनी बेटी के साथ हुए अन्याय का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया और आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी अधिकारों का हनन हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर उनकी बेटी के मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई, लेकिन उन्हें विश्वास है कि वह अपनी बेटी के लिए न्याय जरूर हासिल करेंगी। चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने भावुक अपील की कि उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और वह अब शून्य पर खड़ी हैं, इसलिए वह जनता के समर्थन की उम्मीद करती हैं। उन्होंने मतदाताओं से भाजपा को एक मौका देने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य की जनता पिछले 15 वर्षों का शासन देख चुकी है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में आरजी कर अस्पताल में हुई इस दुखद घटना के बाद से ही पूरे देश में जवाबदेही और सुरक्षा की मांग को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे।
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