असम, गुवाहाटी : असम के प्राणप्रिय कलाकार जुबिन गर्ग को शारीरिक रूप से हमें छोड़कर गए आज छह महीने पूरे हो गए हैं। आज उनकी छठी मासिक पुण्यतिथि है। एक ओर जहाँ जुबिन का परिवार और पूरा असम आज भी उनके लिए न्याय का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर जुबीन क्षेत्र.(समाधि स्थल) की बदहाली की तस्वीरों ने प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है।जुबिन की मृत्यु का मामला फिलहाल अदालत के विचाराधीन है। आज उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर जुबीन क्षेत्र में भागवत पाठ और नाम-प्रसंग (धार्मिक प्रार्थना) का आयोजन किया गया है। लेकिन इस भावुक मौके पर एक कड़वा सच भी सामने आया है।हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के कारण जुबीन क्षेत्र की स्थिति बेहद दयनीय हो गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।राज्य सरकार द्वारा लगाए गए तंबू जर्जर होकर फटने लगे हैं, जिससे पूरा परिसर कीचड़ और अव्यवस्था का शिकार हो गया। बारिश के पानी की वजह से प्रशंसकों द्वारा अपने प्रिय कलाकार को भेंट किए गए कई कीमती और यादगार उपहार नष्ट हो गए।प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए, जुबिन के परिवार और जुबिन फैन क्लब ने खुद आगे आकर वहां नए तिरपाल लगाए ताकि बारिश से बचाव हो सके।इस स्थिति को लेकर जुबिन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। अब उनकी बहन पामी बरठाकुर ने भी एक भावुक पोस्ट साझा की है। पामी ने जुबिन क्षेत्र में तिरपाल बांधकर काम चलाने की मजबूरी पर गहरा दुख व्यक्त किया और व्यवस्था पर सवाल उठाए। जिस कलाकार ने अपना पूरा जीवन असम की संस्कृति को दिया, उनके अंतिम विश्राम स्थल की ऐसी स्थिति देखकर दिल टूट जाता है। जुबिन गर्ग की कमी असमिया समाज में कभी पूरी नहीं की जा सकती। उनके प्रशंसक अब सरकार से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि एक स्थायी और गरिमापूर्ण स्मारक की मांग कर रहे हैं, जो इस महान कलाकार के कद के अनुरूप हो।
उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम
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