तंत्र-मंत्र के भेंट चढ़ा फिर एक मासूम

अंधविश्वास विरोधी नेता डॉ. दिव्यज्योति सैकिया ने बताया घटना को दुर्भाग्यपूर्ण

असम, चाराइदेव:  असम के चाराइदेव जिले में एक भयंकर अंधविश्वास का मामला सामने आया है। पुलिस ने आज इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मामले में संदिग्ध तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

टी एस्टेट स्थित आवास से सोमवार रात भाई-बहनों में सबसे छोटी 5 साल की मासूम को किडनैप किया गया था। मंगलवार को उसकी सबसे बड़ी बहन ने सेफराई पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज कराया। बच्ची का शव मंगलवार रात लाल कपड़े में लिपटा सिंगलु नदी से मिला।

शव के साथ राख व अन्य चीजें भी थीं जो तांत्रिक विधि विधानों में इस्तेमाल की जाती है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने संदेह जताया कि यह मानव बलि जैसी कुप्रथा का मामला है। शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में एक तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इसके अलावा इस मामले में मुख्य आरोपी व्यवसायी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया है। अधिकारी ने कहा कि लड़की के माता-पिता से पूछताछ की गई है और उसके पिता सहित 10 लोगों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मानव बलि के एंगल से इस घटना की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आदिवासी बहुल चाय बागानों में मानव बलि की पहले भी घटनाएं हुई हैं। साल 2016 में इलाके के एक अन्य चाय बागान से चार साल की बच्ची लापता हो गई थी और कुछ दिनों बाद उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था।

इस घटना पर असम के राष्ट्रीय स्तर के अंधविश्वास विरोधी नेता मानवाधिकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दिव्यज्योति सैकिया ने कहा कि राज्य में इसको लेकर सख्त कानून भी बने हैं, लेकिन फिर भी इस तरह की घटनाएं समय समय पर घट रही है।

यह बेहद दुर्भाग्यजनक ही कहा जाएगा की विज्ञान और आधुनिकता के इस युग में भी इस तरह की घटनाएं हो रही है। यह देश और समाज के लिए न केवल शर्म की बात है, बल्कि कलंक भी है। उन्होंने राज्य सरकार अंधविश्वास को लेकर लागू कानून को कड़ाई से क्रियान्वयन की मांग की है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस घटना के तार काफी दूर तक हो सकते हैं इसलिए इसकी कड़ाई से जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी होनी चाहिए।