नई विशेष नीति लागू करने की तैयारी
असम, गुवाहाटी : असम सरकार चाय बागान समुदायों को मिलने वाले लाभों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक नई विशेष नीति लागू करने की तैयारी में है, क्योंकि अधिकारियों ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर कोटा हासिल करने के बार-बार प्रयासों का पता लगाया है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि मेडिकल प्रवेश के दौरान की गई पूर्व जांच से इस समस्या की गंभीरता का पता चला है, जिसके कारण सरकार ने बराक और ब्रह्मपुत्र क्षेत्रों के लिए अलग-अलग सामुदायिक सूचियाँ तैयार की हैं ताकि विसंगतियों की बेहतर पहचान की जा सके। उन्होंने संकेत दिया कि अब सरकारी भर्तियों में भी इसी स्तर का सत्यापन किया जाएगा। हमने देखा है कि लोग नकली प्रमाणपत्रों के आधार पर चाय बागान समुदायों के लिए निर्धारित लाभों को हथियाने की कोशिश करते हैं। यह ऐसी चीज है, जिसे हम कभी स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाय बागान समुदायों के वास्तविक युवाओं तक अवसर पहुंचाने के लिए कड़े नियम जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स लिखा कि आगामी नीति यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है कि केवल योग्य लाभार्थियों को ही 3 प्रतिशत आरक्षण और अन्य सहायता उपायों का लाभ मिले।
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