नेपाल, काठमांडू : नेपाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक बदलाव आया, जब 35 वर्षीय बालेंद्र शाह ने देश के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में दोपहर 12.34 बजे आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें शपथ दिलाई। बालेंद्र शाह न केवल नेपाल के इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने हैं, बल्कि वे मधेश क्षेत्र से इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाले पहले नेता भी हैं। यह राजनीतिक परिवर्तन पिछले साल सितंबर में केपी शर्मा ओली सरकार के पतन के बाद आया है। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने देश की राजनीति की दिशा बदल दी। प्रदर्शनों के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में कामकाज संभाल रही थीं।बालेंद्र शाह की पार्टी.राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए आम चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है। शाह ने स्वयं केपी शर्मा ओली को उनके गढ़ झापा-5 में हराकर सबको चौंका दिया। उनकी पार्टी ने प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों में से 182 पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल जैसे पारंपरिक दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा। शपथ ग्रहण समारोह नेपाल की सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम रहा। इसमें 7 ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद, 108 युवा पुजारियों द्वारा वैदिक पाठ और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रोच्चार किया गया। माना जा रहा है कि शाह 15 से 18 मंत्रियों की एक छोटी और चुस्त कैबिनेट बनाएंगे, जो सुशासन की ओर एक इशारा है। सुबह ही सदन के नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण के साथ ही नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हुई।
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