मिजोरम, आइजोल : मिजोरम विधानसभा ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सर्वसम्मति से मिजो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया। लगभग 35 वर्षों के बाद आए इस नए प्रस्ताव का उद्देश्य राज्य की संपर्क भाषा (लिंगुआ फ्रांका) को संवैधानिक मान्यता दिलाना है। स्कूल शिक्षा मंत्री वनलालथलाना द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव को राज्य के सभी राजनीतिक दलों और समुदायों का समर्थन मिला है। यदि मिजो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कर लिया जाता है, तो इसके निम्नलिखित लाभ होंगे। संसद में मिजोरम के सांसद अपनी मातृभाषा में अपनी बात रख सकेंगे। छात्र केंद्रीय सेवाओं की परीक्षाओं में मिजो भाषा का उपयोग कर सकेंगे। साहित्य अकादमी, नेशनल बुक ट्रस्ट और नेशनल ट्रांसलेशन मिशन के माध्यम से मिजो साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। अनुवादकों और दुभाषियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। आकाशवाणी और दूरदर्शन पर मिजो भाषा के कार्यक्रमों का विस्तार होगा। मिजो भाषा को 1974 में राज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया गया था। इससे पहले 23 मार्च 1991 को विधानसभा में ऐसा ही एक प्रस्ताव लाया गया था। वर्तमान में देश की 38 भाषाएँ आठवीं अनुसूची में शामिल होने की कतार में हैं। मुख्यमंत्री लालदुहोमा और विपक्ष के नेता लालछंदमा राल्ते का मानना है कि इस नए और एकजुट प्रस्ताव से केंद्र सरकार के समक्ष राज्य की मांग और मजबूती से पहुंचेगी।
उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम
उत्तराखंड, देहरादून : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। चिलचिलाती धूप के बीच पहाड़ों में...
Read more






