असम, गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार बेदखल की गई जमीन पर अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा करने से रोकने के लिए अपने प्रयासों को और तेज कर रही है। इसके साथ ही सरकार बुनियादी ढांचे के विकास और अधिक केंद्रीय सहयोग के जरिए कृषि निर्यात को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। कई उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में लिए गए प्रमुख फैसलों और प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले पांच वर्षों में सरकार ने अतिक्रमणकारियों के कब्जे से 200 वर्ग किलोमीटर से अधिक भूमि को वापस लिया है और अब ऐसे कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ये अतिक्रमणकारी इन जमीनों पर कभी वापस न लौट सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली सहित कई प्रमुख विभागों को उन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें केंद्र सरकार की वीजीएफ योजना के तहत लाया जा सके। उनका मानना है कि इस योजना का लाभ उठाने से बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आएगी और प्रमुख सार्वजनिक परियोजनाओं की वित्तीय स्थिति में सुधार करके असम के विकास को रफ्तार दी जा सकेगी। कृषि क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने, जीआई-टैग प्राप्त और जैविक उत्पादों के निर्यातकों को सहायता देने तथा केंद्र से मिलने वाली हर संभव मदद का पूरा लाभ उठाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।
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