नगालैंड, दिमापुर : नगालैंड के राज्यपाल ने 13वीं विधानसभा के 10वां सत्र 20 दिसंबर को बुलाया है। गौरतलब है कि इसके लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया है। लिहाजा नगालैंड के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने 13वीं विधानसभा के 10वें सत्र को सुबह 9:30 बजे बुलाया है।
गौरतलब है कि मोन जिले में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत के बाद नगालैंड सरकार ने विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित करने और सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफस्पा) को निरस्त करने के लिए एक प्रस्ताव पारित करने का फैसला किया। योजना और समन्वय, भूमि राजस्व और संसदीय मामलों के मंत्री नीबा क्रोनू ने इसकी जानकारी दी थी।
सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफस्पा) सेना को अशांत क्षेत्रों में गिरफ्तारी और नजरबंदी की शक्तियां देता है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नगा राजनीतिक मुद्दे पर कोर कमेटी की दिन में यहां हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इन घटनाओं के बाद से नगालैंड से अफस्पा हटाने की मांग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने भी इस कानून को वापस लेने की मांग की थी।
नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन और नागरिक संस्थाओं सहित आदिवासी संगठन और महिला संगठन राज्य सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने और कानून को निरस्त करने के लिए एक प्रस्ताव पारित करने की मांग कर रहे हैं।






