नई दिल्ली : केंद्र सरकार तीनों कृषि कानून को खत्म करने के लिए विधेयक ला रही है। इसे सोमवार से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में पहले दिन पेश किया जाएगा। लोकसभा की वेबसाइट पर कार्यसूची में यह उल्लेख किया गया है कि नरेंद्र सिंह तोमर तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एक विधेयक पेश करेंगे।
कृषि मंत्री आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन के लिए भी विधेयक पेश करेंगे। बताया जा रहा है कि इस विधेयक में कहा गया है कि इन कानूनों के खिलाफ किसानों का केवल एक छोटा समूह विरोध कर रहा है समावेशी विकास के लिए सभी को साथ लेकर चलना समय की मांग है। गौरतलब है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तीनों कृषि कानून को खत्म करने की घोषणा की थी।
उल्लेखनीय है कि सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने सांसदों को उस दिन उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। चूंकि विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर घेरने की योजना बना रही है, इसलिए कांग्रेस ने भी इसके लिए चाक-चौबंद रणनीति बनाई है और ज्यादा से ज्यादा सांसदों को बहस में हिस्सा लेने को कहा गया है। इसी तरह टीएमसी और सपा के भी सांसद सरकार पर हमले के लिए पूरी तैयारी करके बैठे हैं।
दूसरी तरफ किसानों ने एमएसपी के गारंटी कानून लागू नहीं होने तक अपने आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया है। किसान संगठनों ने कहा है कि हमने 29 नवंबर को संसद तक होने वाली ट्रैक्टर मार्च को स्थगित कर दिया है लेकिन अपना आंदोलन जारी रखेंगे। किसानों ने मांगे माने जाने के लिए सरकार को चार दिसंबर तक का समय दिया है।
किसानों का भरोसा जीतने के लिए पहले ही दिन विधेयक ला रही सरकार





