गजब टोपीबाज इमरान शाह चौधरी चढ़ा पुलिस के हत्थे

असम, गुवाहाटी:  असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के जाली दस्तखत करने के मामले में मुख्य आरोपी और दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। असम पुलिस के एक प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी इमरान शाह चौधरी को रविवार को नयी दिल्ली में गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपियों राजीव कलिता तथा दिलीप दास में से दास को रिमांड पर लिया गया।

कलिता को नयी दिल्ली फरार होने के दौरान गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया गया। दास को शहर में ही गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने आठ सितंबर को गुवाहाटी के दिसपुर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराके आरोप लगाया था कि लोहित कंस्ट्रक्शन के नाम आवंटित एक काम के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (जल) के मुख्य अभियंता को दिये गये एक नोट में मुख्यमंत्री के फर्जी दस्तखत थे। मामला दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई और कुछ ही घंटे में गुवाहाटी तथा शिवसागर की पुलिस ने लोहित कंस्ट्रक्शन से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में इन चारों ने कथित रूप से जो जानकारी द, उससे चौधरी और अन्य आरोपियों का नाम सामने आया। उसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन्हें धर दबोचा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चौधरी काफी शातिर किस्म का ठगबाज है। उसने कई लोगों को करोड़ों का चूना लगाया है। यहां तक कि उसने मेघालय के एक मंत्री को भी नहीं छोड़ा। मंत्री से भी उसने काफी रकम लूटी।

उस पर नौकरी देने, दूसरों की भूमि हड़पने आदि जैसे भी संगीन आरोप है। उधर दूसरी तरफ राजीव भाजपा प्रदेश इकाई के किसान मोर्चा की महानगर समिति के एक सदस्य बताए जाते हैं। मामले के सामने आने के बाद पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेता इस पर किसी तरह के बयान देने से बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि सत्तारूढ़ पार्टी का टैग उसने सिर्फ अपने फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए लगाया था।