नई दिल्ली : भारतीय वास्तुकार बालकृष्ण दोशी को ब्रिटेन का रॉयल गोल्ड मेडल 2022 के लिए चुना गया है। इस सम्मान के लिए चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। पीएम ने कहा कि वास्तुकला की दुनिया में दोशी का योगदान यादगार है। रॉयल गोल्ड मेडल वास्तुकला के लिए दुनिया के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स (आरआईबीए) ने घोषणा की।
मोदी ने ट्वीट किया प्रतिष्ठित वास्तुकार बालकृष्ण दोशी जी से बात की और उन्हें रॉयल गोल्ड मेडल 2022 से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वास्तुकला की दुनिया में उनका योगदान ऐतिहासिक है। उनके कार्यों को उनकी रचनात्मकता, विशिष्टता और विविध प्रकृति के लिए विश्व स्तर पर सराहा जाता है। आरआईबीए ने गुरुवार को दोशी को सम्मानित किए जाने का एलान करते हुए कहा कि 70 साल के करियर और 100 से अधिक निर्मित परियोजनाओं के साथ 94 वर्षीय दोशी ने अपने अभ्यास और अपने शिक्षण दोनों के माध्यम से भारत और उसके क्षेत्र के क्षेत्रों में वास्तुकला की दिशा को प्रभावित किया है।
रॉयल गोल्ड मेडल को व्यक्तिगत रूप से महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा स्वीकृत किया जाता है। इसे ऐसे व्यक्ति या लोगों के समूह को दिया जाता है, जिनका वास्तुकला के विकास में महत्वपूर्ण योगदान हो। गौरतलब है कि 1927 में पुणे में फर्नीचर निर्माताओं के एक बड़े परिवार में जन्मे बालकृष्ण दोशी ने जेजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में अध्ययन किया था। उन्होंने पेरिस में वरिष्ठ डिजाइनर (1951-54) के रूप में जेले कॉर्बूसियर के साथ चार साल तक काम किया था।





