95वां जन्म दिवस पर याद किए गए भूपेन दा

असम, गुवाहाटी:  भारत रत्न डॉ. भूपेन हाजरिका का आज 95वां जन्म दिवस है। असम में इस मौके पर विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोग उन्हें याद कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत ने भूपेन दा के जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए महानगर के जालुकबाड़ी स्थित उनके समाधि क्षेत्र को पर्यटकों के लिए खोलने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि समाधि क्षेत्र सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए आम जनों के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गौहाटी विश्वविद्यालय एवं तेजपुर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में उनके नाम पर आसन स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भूपेन दा की जीवनी स्कूल कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते समाधि क्षेत्र बंद पड़ा था।

एक लंबे समय बाद दर्शक फिर से समाधि क्षेत्र में जा सकेंगे। आज से इसे कोविड प्रोटोकॉल के साथ पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। उधर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने महान गायक को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा की उनकी कालातीत और सार्वभौमिक रचनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए मानवता को प्रेरित करती रहें। प्रदेश कांग्रेस ने भी सुधाकंठ को उनके जन्मदिन पर याद किया। प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार बोरा ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में उनके अलावा पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा, कार्यकारी अध्यक्ष राणा गोस्वामी, जाकिर हुसैन सिकदर, पूर्व सांसद डीजेन शर्मा एवं महासचिव (प्रशासनिक) अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने भी भूपेन दा को श्रद्धांजलि अर्पित की। असम जातीय परिषद एजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज समाधि क्षेत्र जाकर महान गायक को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष शमशेर सिंह, सचिव राजू फूकन, अमृत खटनियार, संयुक्त सचिव प्रिंस फैजुल हक, कार्यकारिणी के सदस्य निखिल भट्टाचार्य, युवा इकाई के संयोजक इफ्तिखार हुसैन एवं मानिक गोगोई शामिल थे।