सैटेलाइट इमेजिंग से सुलझाए जाएगी पूर्वोत्तर राज्यों की सीमा विवाद

नई दिल्ली :  पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच सीमाओं को खींचने के काम में उपग्रह की मदद ली जाएगी। केंद्र सरकार ने कहा है कि सैटेलाइट इमेजिंग के द्वारा सीमा रेखा खींच कर पूर्वोत्तर के राज्यों के विवाद को खत्म किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि असम के साथ पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय और मिजोरम का सीमा विवाद है।

यह विवाद अक्सर सीमा पर हिंसक झड़प में तब्दील हो जाता है। इसका ताजा उदाहरण गत 26 जुलाई को असम और मिजोरम के बीच हुई खूनी झड़प है, जिसमें असम पुलिस के 6 जवानों सहित एक सिविलियन की मौत हो गई थी। इससे निजात पाने के लिए केंद्र ने इसकी जिम्मेदारी नॉर्थ ईस्टर्न स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (एनइएसएसी) को सौंपी है।

एनइएसएसीनॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल और डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस का साझा उपक्रम है। दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ महीने पहले ही पूर्वोत्तर के राज्यों के आपसी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए सैटेलाइट इमेजिंग की वैज्ञानिक तकनीक का सहारा लेने की बात सोची थी।

उल्लेखनीय है कि एनइएसएसी पहले से ही क्षेत्र में बाढ़ प्रबंधन में स्पेस तकनीक का सहारा ले रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार का मानना है कि सीमा विवाद सुलझाने में वैज्ञानिक तकनीकी का सहारा लेने से किसी भी पक्ष को कोई शक शुबहा नहीं होगा और सीमा विवाद का स्थाई समाधान निकल आएगा।