असम में 1 सितंबर से शिक्षण संस्थान खोलने के फैसले को कैबिनेट की मंजूरी

असम, गुवाहाटी:  असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में 1 सितंबर से शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने के फैसले पर मुहर लगाई। बैठक में उच्चतर माध्यमिक के अंतिम वर्ष, स्नातक के अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष की कक्षाओं को अगले महीने के प्रथम सप्ताह से खोलने का निर्णय लिया गया।

इसे देखते हुए प्रखंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, जिला प्रारंभिक के कार्यालयों में कोविड-19 के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा अधिकारी, विद्यालय निरीक्षक एवं समस्त विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकों, अशैक्षणिक कर्मचारियों एवं 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों का टीकाकरण कल से आरंभ होगा, जो 5 सितम्बर तक चलेगा। कक्षाओं में भाग लेने के लिए कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक अनिवार्य होगी।

हालांकि छात्रावास खोलने के लिए आवासियों को वैक्सीन की दोनों खुराक लेनी होगी। शैक्षणिक संस्थान खोलने और संबंधित मामलों पर 31 अगस्त या उससे पहले मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया जाएगा। मंत्रिमण्डल ने जन स्वास्थ्य अभीयांत्रिकी विभाग के 3 नए संभागों का सृजन करने का निर्णय लिया, जिसमें माजुली में मुख्यालय कमलाबाड़ी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर में मुख्यालय हत्सिंगिमारी और बजाली में मुख्यालय पाठशाला के साथ-साथ नए संभागों के लिए 93 नए पद सृजित किए जाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में हर साल 3 सितंबर को अर्जुन भोगेश्वर बरुआ के जन्मदिन को खेल दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। कैबिनेट ने खेल पेंशन की मौजूदा राशि 8000 से 10000 रुपये बढ़ाने का भी फैसला किया। इसके अलावा खिलाड़ियों को एकमुश्त वित्तीय सहायता की राशि के बढ़ाकर 50,000 हजार रुपए करने का भी निर्णय लिया।

कैबिनेट ने यह भी फैसला किया कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आजीवन पेंशन के रूप में प्रति माह 10,000 रुपए देने के फैसले पर मुहर लगाई। बैठक में लोक निर्माण विभाग (भवन) की गतिविधियों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए कैबिनेट ने प्रदेश में 8 नये मण्डल, 20 नये संभाग एवं 28 अनुमंडल बनाने की स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट ने विभाग के लिए 804 तकनीकी पदों के सृजन को भी मंजूरी दी। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक कनिष्ठ अभियंता पद तक के जिला के सरकारी विभाग के कर्मचारियों का जिले के अंदर ही तबादला करने का अधिकार जिला उपायुक्त को सौंपेने का फैसला किया गया। जिला उपायुक्त संबंधित विभागों के प्रमुखों से चर्चा कर यह कदम उठा सकते हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ️लोक सेवा के हित में और सरकारी कार्यक्रमों और गतिविधियों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए कर्मचारियों को युक्तिसंगत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

बैठक में ️विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदलकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग करने का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने बीटीएडी की बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और स्थिति की निगरानी के लिए मंत्री जोगेन मोहन और यूजी ब्रह्म को प्रतिनियुक्त करने का निर्णय लिया।