कांग्रेस को महागठबंधन से होना चाहिए अलग : गौरव गोगोई

असम, गुवाहाटी:  लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता एवं असम के कलियाबोर के सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि पार्टी को महागठबंधन से खुद को मुक्त करना चाहिए। इस महागठबंधन में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और एआईयूडीएफ सहित के साथ-साथ वामपंथी दल भी शामिल हैं। राज्य में जल्द ही कम से कम पांच सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं ।

उनका कहना था कि अब समय आ गया है कि पार्टी को खुद को पहले से अधिक मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। भाजपा शासन को उखाड़ फेंकने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन बनाना समय की मांग थी और अब उस से मुक्त होना भी समय की ही मांग है। हमें अब सभी सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत बयान है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राय पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस महागठबंधन में थी और उसे अपने सहयोगियों के लिए कई सीटें छोड़नी पड़ीं, तो कई जमीनी कार्यकर्ता निराश थे। वे नैतिक रूप से निम्नतर हो गए। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और खुद को महागठबंधन से मुक्त करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने पार्टी के अकेले उपचुनाव लड़ने की संभावना पर कोई टिप्पणी नहीं की। गौरतलब है कि इससे पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी कुछ इसी तरह का संकेत दे चुके हैं।

वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जाकिर हुसैन सिकदर का कहना है कि एआईयूडीएफ गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने गठबंधन को विपक्ष में बैठाया है, ताकि वे सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठा सके। लेकिन गठबंधन में शामिल एआईयूडीएफ ऐसा नहीं कर रही है। एआईयूडीएफ सरकार के कामकाज की लगातार प्रशंसा कर रही है। दिन में महागठबंधन के साथ रहते हैं तो रात को सत्ता पक्ष के साथ रिश्ता निभाते हैं। ऐसे में हम कैसे उनके साथ भविष्य में कैसे दोस्ती रख सकते हैं।

उनका स्पष्ट कहना था कि सत्तारूढ़ पार्टी के साथ जिनकी दोस्ती होती है हम उनके दोस्त नहीं हो सकते। गौरतलब है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं असम के केंद्रीय प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के आने का इंतजार कर रहे हैं। वे सितंबर में गुवाहाटी आएंगे। इस दौरान पार्टी की कोर कमेटी की बैठक होगी और इसमें ही एआईयूडीएफ से रिश्ता तोड़ने का अंतिम फैसला लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कोर कमेटी ही इस बारे में अंतिम निर्णय लेगा।