पूर्वोत्तर राज्यों में विकास के लिए समन्वय जरूरी : केंद्रीय मंत्री

असम, गुवाहाटी:  केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने असम में परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की स्थिति की समीक्षा की। गुवाहाटी में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य में विकास की गति तेजी से बढ़ी है। उन्होंने काम में उत्कृष्टता दिखाने के लिए असम सरकार की सराहना की।

उन्होंने कहा कि राज्य में प्रगति में तेजी लाने के लिए पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रमों में जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा बच्चों को भी राष्ट्रीय उद्यानों में जाने की सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपने पर्यावरण के बारे में पता चल सके। युवा पीढ़ी पर्यावरण के बारे में ज्ञान को समझ सकेगी यदि उन्हें हर साल कम से कम दो बार पार्कों का दौरा करने का मौका मिले।

उन्होंने आगे कहा कि अगर बाघ दिवस, हाथी दिवस, पर्यावरण दिवस आदि अवसरों पर जनता के साथ मनाया जाए तो इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पूर्वोत्तर का अत्यधिक महत्व है और उनके नेतृत्व में हम पूर्वोत्तर राज्यों में विकास के लिए समन्वय में काम कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पहले असम में 5246 हाथी थे और उनकी संख्या बढ़कर 5719 हो गई। बाघों की संख्या भी 70 से बढ़कर 190 हो गई। उन्होंने गैंडों की रक्षा के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गैंडों की आबादी में काफी वृद्धि हुई है। चौबे ने कहा कि असम में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री इन राज्यों में प्रगति की समीक्षा करने के लिए नगालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश का दौरा करेंगे।