असम में रात 9 बजे से होगा कर्फ्यू लागू, अंतर जिला परिवहन पर छूट, शैक्षणिक संस्थानों को भी खोलने की अनुमति

असम, गुवाहाटी:  असम में कोरोना संक्रमण के मामले में हो रही सुधार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आज नए मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी में लोगों को राहत देते हुए छूट देने की घोषणा की है। नए एसओपी तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी।

इसके अनुसार अब कर्फ्यू रात 9 बजे से लगेगा जो अगले दिन सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा।

सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठान अब शाम 8 बजे तक खुले रह सकेंगे। आज यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत ने बताया कि सरकार ने वाहनों के क्षेत्र में योग वियोग नंबर वापस ले ली है।

अब हर दिन सभी नंबरों की वाहन सड़कों पर दौड़ सकेंगे। इसके अलावा दोहरी सवारी पर भी छूट देने की बात कही गई है। हालांकि दुपहिया वाहन में उन लोगों को दोहरी सवारी की इजाजत है, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन का कम से कम एक खुराक ले रखा है और सवारियों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा। उन्होंने कहा कि नए एसओपी में कुछ शर्तों के साथ अंतर जिला यातायात खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके अनुसार यात्री बसों में केवल उन्हीं लोगों को बैठने की इजाजत होगी, जिन्होंने वैक्सीन का कम से कम एक खुराक ली है।

इसके अलावा किसी भी वाहन में उसकी क्षमता के सीटों पर ही लोगों को बैठने की इजाजत होगी। अगर कोई यात्री वाहन में खड़े होकर सफर करता पाया जाता है, तो बस के चालक और खलासी के साथ-साथ संबंधित यात्री पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि खड़े यात्रियों को सफर की अनुमति देने वाली बसों का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि स्नातकोत्तर, स्नातक और हायर सेकेंडरी अंतिम वर्ष की कक्षाओं के अलावा नर्सिंग और टेक्निकल शैक्षणिक संस्थानों को 6 सितंबर से खोलने का निर्णय भी नए एसओपी में लिया गया है। हालांकि ऑफलाइन कक्षा में उपस्थित होने की इजाजत केवल उन विद्यार्थियों को ही दी जाएगी, जिन्होंने टीके की कम से कम एक खुराक ले रखी है। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के पहले संस्थान विशेष में 3 दिन का विशेष वैक्सीनेशन शिविर लगाया जाएगा, जिसमें छात्र, शिक्षक और अन्य स्टाफ टीका लगवा सकते हैं।

शैक्षणिक संस्थानों के हॉस्टल केवल स्नातकोत्तर, स्नातक और हायर सेकेंडरी के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए खोले जाएंगे। पर यहां भी वैक्सीन की शर्त लागू होगी। वैक्सीन के दोनों खुराक ले चुके विद्यार्थी ही हॉस्टल की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि खुली या बंद जगह पर 50 से अधिक लोगों की जमावड़े की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसी किसी भी जमावड़े की पूर्व सूचना स्थानीय थाने को देनी होगी। भीड़ में वही लोग भाग ले सकेंगे, जिन्होंने वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ले रखी हो।

जिला उपायुक्त की इजाजत से किसी भी बंद स्थान पर 200 लोगों की भीड़ के साथ सार्वजनिक या निजी कार्यक्रम किया जा सकता है। पर ऐसे कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों पर भी वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लेने की शर्त लागू होगी। इसके अलावा जहां इस तरह का कार्यक्रम किया जाएगा वहां की क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को ही इकट्ठा होने की इजाजत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि विवाह और अंत्येष्टि कार्यक्रमों में एक डोज लिए हुए अधिकतम 50 लोगों को शामिल होने की इजाजत होगी।

राज्य के महत्वपूर्ण पूजा स्थलों में 1 घंटे की अवधि में 40 लोग ही जा सकेंगे, जबकि अन्य पूजा स्थलों में यह सीमा 20 लोगों की होगी। पूजा स्थलों में जाने के इच्छुक लोगों के लिए भी वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लेना अनिवार्य होगा। सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और थिएटर पहले की तरह ही बंद रहेंगे।