पूर्वोत्तर में बढ़ रहा है साइबर क्राइम

असम, गुवाहाटी:  पूर्वोत्तर में बढ़ते साइबर क्राइम को नियंत्रित करने के उद्देश्य से गुवाहाटी के खानापाड़ा स्थित असम प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय सभागार में दो दिवसीय क्षेत्रिय साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर कार्यशाला सह सम्मेलन का आयोजन किया गया। असम पुलिस विभाग के सीआईडी और केंद्रीय गृह मंत्रालय के सौजन्य से आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में असम पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत सहित पूर्वोत्तर राज्यों के आला पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान क्षेत्र में साइबर क्राइम को नियंत्रित करने को लेकर चर्चा की गई। मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए महंत ने कहा कि गुवाहाटी सहित पूर्वोत्तर के लोग साइबर अपराधियों के शिकार हो रहे है। पिछले 2 सालों में राज्य में 300 से अधिक साइबर क्राइम संबंधित मामले दर्ज किए गए है और कईयों ने तो मामला भी दर्ज नहीं कराया है। उन्होंने कहा कि चुकी साइबर क्राइम राज्यों के क्षेत्रों के बाहर से भी किए जा सकते है, इसलिए ऐसे अपराध को रोकने के लिए दूसरे राज्यों के बीच सहयोग बहुत ही जरुरी है।

उन्होंने कहा कि साधारणत: साइबर अपराध को अंजाम देने वाले अपराधि स्मार्ट होते है, तो हमे भी उससे अधिक स्मार्ट होने होंगे। साथ ही दूसरे राज्यों के सहयोग के काम करने होंगे। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइन के मामले बढ़े है। वित्तीय अपराध के साथ साथ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी, बुलिंग, महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी जैसे क्राइम को रोकने के लिए इस दो दिवसीय कार्यशाला सह सम्मेलन में चर्चा की जा रही है। मालूम हो कि देश भर में साइबर क्राइम को नियंत्रित करने के लिए कुल 7 क्षेत्रिय साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर (आर4सी) है, जिसमें में से पूर्वोत्तर आर4सी एक है।

वहीं भास्कर ज्योति महंत ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ असम पुलिस का अभियान जारी रहेगा। कुछ सफतला मिली है, लेकिन अब भी मंजिल दूर है। उन्होंने कहा कि पुलिस के अभियान के कारण तस्करों ने तस्करी की शैली में बदलाव किया है। वहीं उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश से हो रही तस्कर पुलिस के लिए अब भी चुनौती बनी हुई है। पुलिस हर दिन बड़े पैमाने पर ड्रग्स को जब्त कर रही है।