असम, गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कहां की अब से पड़ोसी राज्यों की सीमा पर ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए पुलिस के एक दल को दिल्ली में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। असम विधानसभा के बजट सत्र के आज छठे दिन कांग्रेस के रेकीबुद्दीन अहमद के 1 सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को आधुनिकीकरण की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने सदन को बताया कि कानून व्यवस्था और जांच दो अलग-अलग विषय होंगे। विभिन्न थानों में लंबित मामलों को समझाने के लिए सेवानिवृत्त एसआई अधिकारियों को वापस नौकरियों पर रखा जाएगा ताकि लंबित मामलों को समझा कर अदालत में हलफनामा पेश किया जाए। राज्य के विभिन्न थानों में एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से अधिकांश धारा 144 के उल्लंघन से लेकर छोटे-मोटे अपराधों से संबंधित है।
पुलिस को दक्ष एवं सक्षम बनाने के लिए कानून व्यवस्था की देखरेख को जांच के काम से अलग करना जरूरी हो गया है। उन्होंने असम पुलिस के साइबर सेल को भी दुरुस्त करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब दुर्घटना पासपोर्ट या फिर नौकरी के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जैसे कामों के लिए समय निर्धारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विधायक के सवालों के लिखित जवाब में बताया कि राज्य में फिलहाल 33 थाने किराए के घर से संचालित हो रहे हैं।
इनमें 9 मुख्य थाने, 18 आउटपोस्ट, 5 पेट्रोल पोस्ट एवं 1 पुलिस चेक पोस्ट शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि 7 आईपीएस एवं एपीएस अधिकारियों के खिलाफ मामला चल रहा है। विधायक दिगंत कलिता के एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि राज्य में फिलहाल 329 थाने हैं। नए थानों के संदर्भ में उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से प्रस्ताव मिलने पर सरकार विचार करेगी।



