असम, गुवाहाटी : झारखंड के एक अज्ञात मानसिक रूप से विकलांग, शारीरिक रूप से कमजोर और पीड़ित युवक को कल गुवाहाटी के सड़कों से बरामद किया गया। इस संबंध में असम के राष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दिव्यज्योति सैकिया ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। मानवतावादी कार्यकर्ता डॉ. सैकिया का कहना है कि कल दोपहर करीब 1 बजे गुवाहाटी के चांदमारी इलाके में स्थित जेबी लॉ कॉलेज के एक अज्ञात छात्रा ने उन्हें फोन कर इसकी जानकारी दी। यह युवक लॉ कॉलेज के सामने पड़ा हुआ था। कॉलेज के विद्यार्थियों ने कई और लोगों को भी फोन किया, लेकिन कोई भी वहां नहीं पहुंचा। मामला संज्ञान में आते ही डॉ. दिव्यज्योति सैकिया ने तत्काल गुवाहाटी में कई मानसिक रूप से बीमार और उन जैसे लोगों की देखभाल करने वाले गैर सरकारी संगठन को अवगत कराने के साथ उसे ले जाने का भी आह्वान किया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग आदि से भी अनुरोध किया। आखिरकार हेल्प एड नामक एक गैर सरकारी संगठन ने यह जिम्मेदारी स्वीकार की। वही गुवाहाटी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जीएमसीएच) से कॉलेज के पास एंबुलेंस को पहुंचने में 3 घंटे से भी अधिक का समय लगा। उसके बाद लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों ने मिलकर युवक को अस्पताल में भर्ती कराया। इस पूरे घटनाक्रम एवं युवक के हालात पर हेल्प एड ने डॉ. सैकिया से चर्चा करने के बाद उसे अपने केंद्र में ले आया। इस पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने आगे कहा कि सरकारी एंबुलेंस को 3 किलोमीटर के रास्ते को तय करने में 3 घंटे का समय लगा। वैसे तो काफी संगठन इस दिशा में काम करने का दावा करते हैं, लेकिन समय पर कोई भी आगे बढ़कर नहीं आता। इस सब के बावजूद जेबी लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों का उठाया गया कदम प्रशंसनीय है।
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