वैक्सीन नहीं ली तो होंगे सरकारी सुविधाओं से वंचित : असम सरकार

असम, गुवाहाटी:  असम सरकार ने निर्णय लिया है कि यदि पात्र व्यक्ति कोविड वैक्सीन नहीं लेता है, तो वह भविष्य में सरकारी सुविधाओं से वंचित हो जाएगा। यह खुलासा स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत ने की। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव ढांचे के आधार पर जानकारी जुटाकर जिले के सभी पात्र लोगों को वैक्सीन उपलब्ध करा रही है और सितंबर के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।

मंत्री ने टीकाकरण को और अधिक तेज़ी से और प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए एक नई रणनीति लागू करने का निर्देश विभाग को दिया है।मंत्री ने राज्य में पात्र व्यक्तियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए चुनाव प्रणाली के आधार पर टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो मतदान केंद्र स्तर पर और यहां तक ​​कि घर-घर जाकर टीकाकरण किया जाना चाहिए। बीएलओ, गांव प्रधान और आशा कर्मी जानकारी एकत्र करेंगे जिससे उसके लिए एक उचित सूची तैयार की जाएगी। मंत्री ने सभी संबंधितों को तुरंत प्रशिक्षण प्रदान करने और आवश्यक डेटा एकत्र करने के लिए सभी चरणों को शामिल करते हुए एक प्रारूप तैयार करने का आग्रह किया ताकि एकत्र की गई जानकारी के आधार पर टीकाकरण की नई रणनीति को बिना देरी के लागू किया जा सके। इसके लिए सरकार टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।

यह तैयारी पूरी होने तक उन्होंने टीकाकरण की मौजूदा प्रक्रिया को जारी रखने को कहा। मंत्री ने इस मिशन में कोविड जांच के लिए उचित उपाय करने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा मंत्री ने लोगों के लाभ के लिए जिले में कुछ स्थानों पर 24×7 टीकाकरण प्रणाली रखने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल-कॉलेजों के खुलने के मद्देनज़र उन शिक्षण संस्थानों के स्थान पर जहां मौजूदा केंद्र हैं, टीकाकरण केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित करने की पहल की जाए।

मंत्री के साथ मौजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मिशन निदेशक एस लक्ष्मणन ने वांछित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अभियान के लिए कम से कम 200 से 230 टीकाकरण केंद्रों को सक्रिय रखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि एक प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों को जरूरत पड़ने पर दूसरे केंद्रों पर भेजा जा सकता है।