असम, गुवाहाटी : असम के जोरहाट जिले में दिन दहाड़े खुलेआम मोब लिंचिंग की घटना सामने आई है। इस दौरान भीड़ ने एक युवक को पीट- पीट कर मौत के घाट उतार दिया, जबकि बेकाबू भीड़ के हमले में दो अन्य घायल हो गए। घायलों का इलाज जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएमसीएच) में चल रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आज शहर के एटी रोड के ट्रक स्टैंड इलाके में भीड़ ने अनिमेश भुइयां (30) नामक एक छात्र नेता को खदेड़- खदेड़ कर मार डाला। इस दौरान वहां मौजूद लोग बस तमाशा ही देखते रहे। इस पूरी घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और लोग बाग कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। मृतक छात्र नेता गोलाघाट जिले के खुमटई का रहने वाला बताया जाता है।
मृतक की किसी बात को लेकर एक वृद्ध व्यक्ति के साथ कहासुनी हो गयी। देखते- देखते बात और बढ़ गयी। इस बीच कुछ लोग मोरल पुलिसिंग करते हुए झगड़े के बीच कूद पड़े और बिना बात को समझे आक्रोशित हो गए। वहीं कुछ असामाजिक तत्वों ने भी हंगामे में अपनी उपस्थिति दर्ज करा पूरा माहौल खराब कर डाला। भारी भीड़ ने युवक को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसे देख किसी की भी रूह कांप उठे।
युवक को पीटते वक्त उसकी एक आंख बाहर निकल गयी, लेकिन क्रूर भीड़ को जरा भी तरस नही आया। घटना के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है और पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में भी लिया है। उधर अखिल असम छात्र संघ (आसू) ने मोब लिंचिंग की इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और अपने नेता के इंसाफ के लिए आवाज उठाई है।
इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक को घटना के जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि असम के राष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार कर्मी एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दिव्यज्योति सैकिया ने इस दर्दनाक हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। किसी को भी कानून हाथ में लेकर किसी की जान लेने का कोई अधिकार नहीं है।





