नई दिल्ली: जस्टिस बीवी नागरत्ना 2027 में भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शीर्ष अदालत में पदोन्नति के लिए नौ न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है।
न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, जो वर्तमान में कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं, की भी कॉलेजियम ने सिफारिश की है। उन्हें 2008 में कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश और लगभग दो साल बाद स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति देश की न्यायपालिका के लिए ऐतिहासिक क्षण होगी।
वह अपने पिता ईएस वेंकटरमैया के नक्शेकदम पर चलेंगी, जो जून 1989 और दिसंबर 1989 के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश थे। सिफारिशों की सूची में न्यायमूर्ति हिमा कोही और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी अन्य दो महिला न्यायाधीश हैं। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कर्नाटक में 1987 में बार काउंसिल में नामांकन कराया था और वो संवैधानिक और वाणिज्यिक कानूनों के विषय में प्रैक्टिस शुरू की थी।
उन्हें 2008 में कर्नाटक हाईकोर्ट में एडिशन जज बनाया गया।दो साल बाद यानी 17 फरवरी 2010 को उन्हें कर्नाटक हाई कोर्ट का स्थाई जज बना दिया गया। इस पद पर नियुक्त होने के बाद उन्होंने कुछ जरूरी फैसले दिए।





