असम, गुवाहाटी : असम के जोरहाट जिले के छात्र नेता अनिमेष भुइयां मॉब लिंचिंग मामले में मुख्य आरोपी कोला-लोरा उर्फ नीरज दास की कहानी का अंत हुआ। कल आधी रात के बाद मुख्य आरोपी नीरज दास ने पुलिस की एक टीम को ड्रग की खेप का भंडाफोड़ करने में मदद की। इस दौरान वह वाहन से कूदकर भागने की कोशिश की।
जब वह कूदा तो उसे पुलिस एस्कॉर्ट के एक अन्य वाहन ने टक्कर मार दी। उसे तत्काल जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल जेएमसीएच ले जाया गया, लेकिन उसे मृत घोषित किया गया। हादसे में तीन अन्य पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। असम पुलिस के विशेष पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने आधी रात के बाद ट्वीट किया। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि हर कार्रवाई के लिए एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
यह न्यूटन का तीसरा नियम। इस बारे में अनिमेष भुइयां के परिवार ने कहा कि उनके भाई/बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी और उन्हें मुख्य आरोपी की मौत का दुख नहीं है। जोरहाट पुलिस स्टेशन के बाहर लोग असम पुलिस जिंदाबाद, हिमंत विश्व शर्मा जिंदाबाद के नारे लगाते और जश्न मनाते देखे गए। असम पुलिस ने 12 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नीरज दास के पिता, बूढ़े शराबी व्यक्ति मोहन दास भी शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे नकली मुठभेड़ करार दे रहे हैं। लेकिन क्या वाकई ऐसा था? एक अपराधी जिसके खिलाफ 90 से अधिक मामले दर्ज हैं, अन्य आरोपियों के साथ पहली तलाश में गिरफ्तार नहीं हो सका। ऐसे खूंखार अपराधी के लिए क्या बचना सबसे आसान विकल्प नहीं है? अनिमेष भुइयां मॉब-लिंचिंग मामला एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना, लेकिन एक काव्यात्मक न्याय।






