सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को मिला झटका

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट से पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को झटका लगा है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति मामले में ममता सरकार की ओर से दायर अर्जी पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई करने से इंकार कर दिया। ममता सरकार ने अपनी अर्जी में यूपीएससी के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी है।

कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि इस तरह की मांग वाली अर्जी वह पहले भी खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 1986-बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज मालवीय को राज्य के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में नामित किया गया है। नए डीजीपी के चयन को लेकर राज्य और यूपीएससी के बीच खींचतान चल रही है। ऐसे में कार्यवाहक डीजीपी नामित होने के एक दिन बाद ममता सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।

लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। ममता सरकार ने याचिका में कहा था कि यूपीएससी ने पद के लिए सुझाए गए नामों की बंगाल सरकार की सूची में कई खामियां निकाल दी हैं। यह भारतीय संघीय शासन प्रणाली के अनुरूप नहीं है। सरकार ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारें एक अच्छी तरह से परिभाषित क्षेत्र में समन्वय से काम करती हैं। लेकिन उसी समय वो एक दूसरे से स्वतंत्र होती हैं।