नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल से आरंभ हो रहे हैं संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद हैं कि यह एक उत्पादक सत्र होगा, जिसमें सभी मुद्दों पर सार्थक तरीके से चर्चा होगी।
उन्होंने आगे कहा कि जन प्रतिनिधियों, खासतौर पर विपक्ष के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। यह चर्चा को समृद्ध बनाते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में आयोजित हुई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समेत 33 राजनीतिक दलों के संसद सदस्यों ने स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड) कोष को बहाल करने की मांग की।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन शामिल हुए । सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं इससे पहले राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने अपने आधिकारिक आवास पर विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक की थी।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र कल से शुरु हो रहा है, जो कि 13 अगस्त तक चलेगा।इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा की जायेगी और उसे पारित कराया जाएगा।



