नई दिल्ली : उपराज्यपाल वीके सक्सेना व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच किया गया पत्राचार तनाव बढ़ाने वाला रहा। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद के सियासी हालात को उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में अराजक करार दिया है। उपराज्यपाल के मुताबिक संवैधानिक पीठ के फैसले के बाद से दिल्ली सरकार और मंत्री नियमों व प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए अधिकारियों को डराने व धमकाने के साथ आनन-फानन में फैसले ले रहे हैं। अपने पत्र में उपराज्यपाल ने खासतौर से सेवा विभाग के मंत्री सौरभ भारद्वाज के नाम का भी जिक्र किया है। वहीं जवाबी पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि उपराज्यपाल के पत्र की भाषा लड़ाई की है। अगर सौरभ ने कोई गलती है तो बुलाकर उपराज्यपाल डाट सकते हैं, लेकिन वे दिल्लीवालों का काम करने की इजाजत चुनी हुई सरकार को दे दें। पत्र में उपराज्यपाल ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से दिल्ली सरकार व मंत्री खासतौर से सेवा विभाग के सौरभ भारद्वाज असंवैधानिक, बेशर्म, डराने वाले और नियमों का अनादर करने वाले कार्याें में उलझे हुए हैं। फैसला आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उपराज्यपाल ने लिखा है कि वह फैसले का अध्ययन करने के बाद अधिकारियों से पालन करवाएंगे। इसके लिए उन्होंने दो से तीन दिन का वक्त देने की बात कही थी।
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