नई दिल्ली : सर्दी का मौसम अब शुरू हो चुका है। हालांकि यह मौसम अपने साथ कई गंभीर बीमारियां भी लेकर आती है। इसमें से स्ट्रोक भी एक हैं। इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड की वजह से रक्त का परिचालन सही तरीके से नहीं होता और वह जमने लगता है। इसकी वजह से रक्त दिमाग तक नहीं पहुंच पाता है, जिससे मस्तिष्क के ऊतकों को अच्छी तरह से ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। इस कारण दिमाग की कोशिकाएं कमजोर पड़ने लगती हैं जिससे स्ट्रोक की समस्या हो सकती है। यह स्थिति बेहद गंभीर होती है और इसमें मरीज की जान भी जा सकती है। ठंड के कारण रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जो स्ट्रोक की सबसे बड़ी वजह है। यह बढ़ा हुआ दबाव हृदय प्रणाली पर दबाव डालता है। खासकर जो लोग हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें स्ट्रोक आने की संभावना ज़्यादा होती है। सर्दियों में तापमान कम होने की वजह से खून गाढ़ा होने लगता है जिससे रक्त में थक्का बनने लगता है और फिर इससे मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं बंद हो सकती है। इससे स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। ठंड से होने वाले स्ट्रोक से बचने के लिए सर्द हवाओं से बचना, खुद को सक्रिय रखना, जीवनशैली को बेहतर बनाने के साथ-साथ रक्त वाहिका संकुचन को रोकने के लिए हमेशा गर्म कपड़े पहनने चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया.24,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास और उद्घाटन
असम, सिलचर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के सिलचर में एक समारोह के दौरान बराक घाटी के कायाकल्प...
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