असम, गुवाहाटी : असम सरकार ने शराब की कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि यह बढ़ोतरी पेट्रोल डीजल पर वैट की दर कम करने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए की जा रही है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जब अपने स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत घटाई थी, उस वक्त उसने राज्य सरकारों से भी वैट की दरों में कमीं कर पेट्रोल–डीजल के दाम घटाने की अपील की थी।
केंद्र सरकार की अपील के बाद राज्य सरकार ने भी तत्काल प्रभाव से इनकी कीमतें कम कर दी थी। इससे होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई सरकार ने शराब की दामों में बढ़ोतरी कर करने का निर्णय लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महंगी विदेशी शराब पर आबकारी शुल्क तुलनात्मक रूप से अधिक होंगी।
लिहाजा महंगी शराब की कीमत 15 फीसदी तक बढ़ सकती है, वहीं कम दाम वाली शराब के मूल्य में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। यहां उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि वित्त वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार ने आबकारी शुल्क से 2,033 करोड़ रुपए राजस्व हासिल किया था।
जबकि चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने 24 सौ करोड़ का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में वर्ष 2001 से ही नई शराब की दुकान खोलने का अनुज्ञापत्र जारी नहीं किया गया है। हालांकि इस दौरान बार को अनुज्ञापत्र दी गई है।






