ओलंपियन लवलीना बरगोहाई बनी असम के शिक्षा विभाग की ब्रांड एंबेसडर

असम, गुवाहाटी:  असम की बेटी एवं टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बरगोहाई को राज्य के शिक्षा विभाग का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया गया है। राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू ने आज इसकी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि लवलीना विभाग के ब्रांड एंबेसडर होंगी। राज्य के पहले महिला ओलंपियन की मदद से राज्य के शिक्षा क्षेत्र में विकास होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि लवलीना के शिक्षा क्षेत्र का चेहरा होने से राज्य भर की महिलाओं और लड़कियों को खुद को शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा। गौरतलब है कि लवलीना तीन बार की विश्व चैंपियन कांस्य पदक विजेता हैं। वह एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हैं, जो ओलंपिक 2020 में देश के लिए ओलंपिक पदक लाने में सफल रहीं।

उधर शिक्षक दिवस के राष्ट्र राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू ने कहा कि सरकार डिजिटल शिक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है और आने वाले दिनों में इसका विस्तार करते हुए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ा जाएगा। इसीलिए सभी शिक्षकों को कंप्यूटर का ज्ञान होना अब जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इतिहास एवं भूगोल को फिर से पढ़ाने के साथ ही विज्ञान गणित अंग्रेजी पर विशेष जोर देगी और असमिया के साथ अंग्रेजी माध्यम में भी पढ़ाई होगी।

मंत्री ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही शिक्षा क्षेत्र में 23,000 नियुक्ति करने जा रही है। शिक्षा विभाग जल्द ही शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन देगी। उनके मुताबिक शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षा विभाग का पहला विज्ञापन 9 सितंबर को जारी किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के शिक्षा विभाग में विभिन्न स्थानों पर बहुत सारे पद खाली पड़े हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए कई बाधाएं भी हैं।

हालांकि शिक्षा विभाग इन बाधाओं को एक-एक करके हटाकर पदों को भरेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ढांचागत समस्याओं के समाधान के लिए आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार नाबार्ड से ऋण लिया गया है। शिक्षा विभाग ने उन 209 स्कूलों को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 3 करोड़ रुपये प्रदान करेगा, जिन्होंने न केवल महान व्यक्तित्व पैदा किए हैं बल्कि 75 साल भी पार कर चुके हैं। इसके अलावा भी 2005 विद्यालयों को भी ढांचागत विकास के लिए 50 लाख की राशि दी जाएगी।

मालूम हो कि आज के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आनंदोराम बरूआ भाषा कला संस्कृत संस्थान (एबीआईएलएसी) द्वारा स्थापित आनंदोराम बरूआ पुरस्कार स्व. प्रो. तबूकराम टाइड को प्रदान किया गया। उनकी ओर से यह पुरस्कार पत्नी बसंती टाइड ग्रहण किया। पुरस्कार में 1 लाख रुपए का चेक, संस्कृत में लिखा मानपत्र, सराई एवं चैलेंग भेंट की गई।