असम में भी लागू हुआ एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना

असम, गुवाहाटी:  असम में भी एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना की शुरुआत हो चुकी है। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पूरे देश में कहीं भी राशन कार्ड संबंधी लाभ सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इसके तहत असम में काम कर रहे दूसरे राज्यों के लोग अपने राशन कार्ड से तटीय राज्य में राशन की दुकानों से चीजें प्राप्त कर सकेंगे, जबकि दूसरे राज्यों में काम कर रहे असम के लोग वहां यह लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

अजी हां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य के खाद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री रंजीत कुमार दास ने यह जानकारी दी। योजना की शुरुआत होने से राज्य में उचित मूल्य की दुकानों पर संबंधित सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति के जरिए यह व्यवस्था लागू होगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान उचित मूल्य की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस उपलब्ध होगी जहां एक दिन प्रत्येक परिवार के सदस्यों को जाकर बायोमेट्रिक देना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक राशन कार्ड के हित अधिकारियों के साथ आधार कार्ड का लिंक जोड़ा जा रहा है और राज्य में फिलहाल 28 प्रतिशत लोगो ने हीं अपने राशन कार्ड को आधार के साथ जुड़ा है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए आवंटित चावल को लेकर आ रही विभिन्न अनियमितता पर सरकार कड़ी नजर रख रही है। राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार की एजेंसियां भी इसकी निगरानी कर रही है। इसमें किसी तरह की गफलत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने पत्रकार सम्मेलन में यह भी जानकारी दी कि फिलहाल राज्य में 33,978 उचित मूल्य की दुकानें हैं और कार्ड धारकों की संख्या 5,89,927 है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संपन्न लोग गरीबों के हक पर कब्जा जमाने के खिलाफ सरकार के कड़े कदमों के बाद अब तक 1 लाख 26 हजार 123 लोगों ने अपना राशन कार्ड जमा कराया है। उन्होंने एक बार फिर लोगों से अपील की थी जो लोग अभी संपन्न होने के बावजूद राशन कार्ड अपने पास रखे हुए हैं वह उन्हें वापस करें ताकि यह गरीबों तक पहुंचाया जा सके।