असम की बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री ने की मुख्यमंत्री से बात

नयी दिल्ली/ गुवाहाटी:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर चर्चा की और उनसे इस संबंध में जानकारी हासिल की। उन्होंने केन्द्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसका खुलासा प्रधानमंत्री ने खुद अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि उनकी असम के मुख्यमंत्री से बात हुई है और उनसे राज्य में बाढ़ की स्थिति के बारे में जाना।

स्थिति से निपटने के लिए केन्द्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। वे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले भी लोगों की सुरक्षा की कामना करते हैं। गौरतलब है कि असम के कई हिस्से बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। एक आधिकारिक बयान के अब तक असम में बाढ़ संबंधी घटनाओं में दो लोगों की जान जा चली गई और 17 जिलों में इस प्राकृतिक आपदा से 3.63 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य में कुल 44 राहत शिविर खोले गए हैं।

जहां पर राहत वितरण केंद्रों का भी संचालन कर लोगों की मदद की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन शिविरों में 321 बच्चों समेत कुल 1,619 लोगों को शरण दी गई है। वहीं बाढ़ के कारण कुल 30,333.36 हेक्टेयर फसल क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। राज्य में प्रशासन की ओर से बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों में 621.34 क्विंटल चावल, दाल और नमक, 578.82 लीटर सरसों तेल, 100 क्विंटल पशु चारा और अन्य बाढ़ राहत सामग्री वितरित की गई है।

केंद्रीय जल आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार डिब्रूगढ़, जोरहाट, सोनितपुर, गोलपारा, कामरूप और धुबरी जिलों में ब्रह्मपुत्र का जल्स्तर सामान्य से काफी ऊपर बाढ़ की स्थिती में बना हुआ है। वहीं बरपेटा, विश्वनाथ, कछार, चिरांग, दरंग, धेमाजी, धुबड़ी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, पश्चिम कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, दक्षिण सलमारा और तिनसुकिया जिले बूरी तरह प्रभावित हुए हैं।