अमरीकी दौरे से स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिन के अमेरिकी दौरे की समाप्ति के बाद भारत लौट गए हैं। दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। वहीं पीएम मोदी ने भी वहां मौजूद लोगों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान जेपी नड्डा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी की पांच दिवसीय अमेरिकी यात्रा यह साबित करती है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया भारत को अलग तरह से देखती है। करोड़ों भारतीयों की ओर से, हम उनका वापस स्वागत करते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ पीएम मोदी की दोस्ती नई नहीं है, उनका पुराना रिश्ता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी यही दोहराया। गौरतलब है कि मोदी अपनी तीन दिवसीय अमेरिकी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जो बाइडन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस समेत कई बड़े नेताओं से मुलाकात की। वहीं दौरे की समाप्ति के एक दिन पहले उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को भी संबोधित किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से 100 वर्षों के इतिहास में दुनिया सबसे खतरनाक महामारी कोरोना वायरस का सामना कर रही है।

जिन लोगों ने इस महामारी में अपनी जान गंवाई है मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे देश से हूं जो लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र की ताकत है कि चायवाला यहां पीएम के तौर पर आया है। ऐसा पीएम आज चौथी बार यूएनजीए को संबोधित कर रहा है। भारत विकास करता है तो दुनिया आगे बढ़ती है। आज भारत में रोजाना 300 करोड़ से अधिक लेनदेन हो रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जो आतंकवाद का इस्तेमाल कर रहे हैं, ये उनके लिए भी खतरा है।

अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए न हो। अफगानिस्तान में हिंदुओं, सिखों की सुरक्षा जरूरी। हमें सतर्क रहना होगा कि वहां के हालातों का कोई देश अपने हितों के लिए इस्तेमाल न करे। वहां की महिलाओं, बच्चों को हमारी मदद की जरूरत है। हमें अपना दायित्व निभाना ही होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत लौटने से पहले ट्वीट कर अपनी अमेरिकी यात्रा की सफलता का जिक्र किया। पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि पिछले कुछ दिनों में प्रोडक्टिव द्विपक्षीय और बहुपक्षीय जुड़ाव, सीईओ के साथ बातचीत और संयुक्त राष्ट्र में भाषण बेहद महत्वपूर्ण रहे। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका संबंध और भी मजबूत होंगे।