नई दिल्ली: कोरोना महामारी का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है। केरल में लगातार बढ़ रहे कोविड-19 मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों को आशंका है कि जिस तरह से केरल में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं यह तीसरी लहर की शुरुआत हो सकती है।
हालांकि अभी केरल सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से कोरोना की तीसरी लहर नहीं माना है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रतिदिन 12,000-14000 केस आते थे। लेकिन पिछले हफ्ते से यहां केसों की संख्या बढ़ी है। अब प्रतिदिन 20,000 से 22,000 मामले आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते मामले तीसरी लहर के आने की शुरुआत हो सकती है। हमें और भी ज्यादा सतर्क रहने की अब जरुरत है। देश में जितने भी कोरोना के केस हैं उनमें से 51 फीसदी केरल में हैं। गौरतलब है कि केरल में सरकारी चिकित्सकों के एक संगठन ने आज राज्य की वाम सरकार से आग्रह किया कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमितों के संपर्कों का पता लगाने और संक्रमित व्यक्ति को 17 दिन तक पृथक-वास में रखने के नियम को सख्ती से लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को दिए गए अपने सुझावों में केरल सरकारी चिकित्सा अधिकारी संघ (केजीएमओए) ने कहा कि मौजूदा सामाजिक-आर्थिक कारकों के मद्देनजर और इस तथ्य पर विचार करते हुए लॉकडाउन की मौजूदा स्थिति को खत्म करना चाहिए कि कोविड के मामले अभी स्थिर हैं, और राज्य की 55 प्रतिशत आबादी ने रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है।





