नदियां असम और पूर्वोत्तर के विकास को बढ़ावा देंगी : सर्वानंद सोनोवाल

असम, गुवाहाटी:  पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक विकास को एक नई गति देने के उद्देश्य से असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने केंद्रीय बंदरगाह, जहाज और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल के साथ आज अंतर्देशीय जल प्राधिकरण और हुगली कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में भाग लिया।

महानगर के पांडु में एक नई जहाज मरम्मत सुविधा की स्थापना की जाएगी। इस समझौते के तहत परियोजना का डिजाइन और क्रियान्वयन सर्वोत्तम मानकों के साथ सुनिश्चित किया जाएगा। तकनीकी सहायता आईआईटी मद्रास द्वारा प्रदान की जाएगी। इस सुविधा को स्लिपवे के रूप में भी जाना जाता है।

इसे असम सरकार द्वारा प्रदान की गई 3.67 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा और उसके अगस्त 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह सुविधा 75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाई जानी है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि यह प्रयास क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है, जिसमें क्षेत्र से बड़े माल की आवाजाही के लिए जलमार्ग परिवहन पर विशेष जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि नदियां असम और पूर्वोत्तर के विकास को बढ़ावा देंगी और इन जलमार्गों को विकसित किया जाएगा ताकि समृद्धि और रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जा सकें। प्रधान मंत्री की पहल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहां की उनकी एक्ट ईस्ट पॉलिसी के माध्यम से पूर्वोत्तर के विकास को लगातार आगे बढ़ाया है और इस प्रकार बीबीआईएन और आसियान देशों को एक्ट ईस्ट पॉलिसी के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र के करीब लाया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब भी जलमार्ग की असीम संभावनाओं का काफी हद तक उपयोग नहीं हो पाया है। इसीलिए प्रधानमंत्री ने इस अप्रयुक्त आर्थिक क्षमता को विकसित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से माल परिवहन करने वाले जहाजों में अपेक्षित वृद्धि को देखते हुए जहाज की मरम्मत और रखरखाव की मांग बढ़ेगी। वर्तमान में इस प्रकार की मरम्मत के लिए जहाजों को ड्राई डॉकिंग के लिए कोलकाता भेजा जाता है। यह प्रक्रिया महंगा, समय लेने वाला और थकाऊ है।

सरकार के इस कदम से राज्य में रोजगार पैदा करने की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले अंग्रेज असम के उत्पादों जैसे लकड़ी, कोयला आदि को जलमार्गों के माध्यम से दुनिया के अन्य हिस्सों में निर्यात करते थे और हमें यहां जल परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव के लिए नदियों का दोहन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की नदियों पर लगभग 200 जहाज चल रहे हैं और इन जागीरदारों की मरम्मत के लिए उन्हें पहले कोलकाता ले जाना पड़ता था।

अब गुवाहाटी में इस सुविधा से यहां मरम्मत की जाएगी जिससे समय और धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेजी से विकास के लिए पूर्वोत्तर में सड़कों, रेलवे, जलमार्ग, वायुमार्ग और इंटरनेट कनेक्टिविटी के विकास पर बहुत जोर दे रहे हैं। उन्होंने पांडु में स्लिपवे स्थापित करने के निर्णय के लिए और पांडु स्लिपवे स्थल पर एक आधुनिक सम्मेलन केंद्र बनाने की घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्री सोनोवाल को धन्यवाद दिया।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से असम में एक समुद्री सह शिपिंग संस्थान स्थापित करने का भी अनुरोध किया, ताकि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए उभरते क्षेत्र के लिए आवश्यक जनशक्ति का निर्माण किया जा सके। इस मौके पर राज्य के उद्योग मंत्री चंद्र मोहन पटवारी, केंद्रीय बंदरगाह, नौका और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर, सांसद क्वीन ओझा एवं मंत्रालय के सचिव डॉ संजीव रंजन भी उपस्थित थे।