तालिबान को नियंत्रित करने के लिए भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी जरूरी

अमेरिका, वाशिंगटन:  अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। आज के समय में काबुल एयरपोर्ट छोड़कर लगभग हर जगह तालिबानी लड़ाके हाथ में बंदूक लिए घूम रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ चुके हैं। इस बीच अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद का मानना है कि तालिबान को नियंत्रित करने और आतंकवाद को रोकने के लिए भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

भारतीय अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना ने एक ट्वीट में कहा कि तालिबान और आतंकवाद को रोकने के लिए अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी अब और भी महत्वपूर्ण है। खन्ना प्रतिनिधि सभा में सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधित्व करते हैं। सदन में भारतीय अमेरिकी कांग्रेस के कॉकस के डेमोक्रेटिक उपाध्यक्ष हैं। खन्ना ने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने के लिए इंडिया कॉकस के नेतृत्व के साथ काम करेंगे l

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अफगानिस्तान में फंसे अमेरिकी नागरिकों से उन्हें घर पहुंचाने का वादा किया है। उन्होंने अफगानिस्तान में फंसे अमेरिकियों से कहा कि हम आपको घर पहुंचाएंगे। बाइडन ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को यह बयान दिया। अमेरिका काबुल हवाई अड्डे से अमेरिकियों और अन्य लोगों को तालिबान से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रहा है।

हवाई अड्डे के बाहर अराजक और हिंसक माहौल है और लोग अंदर सुरक्षित पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस स्थिति को लेकर बाइडन को तीखी आलोचना झेलनी पड़ रही है। बाइडन ने पिछले सप्ताह को दिल दहला देने वाला बताया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका प्रशासन लोगों की निकासी को सुचारू और गति देने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हम में से कोई भी इन तस्वीरों को देख सकता है और मानवीय स्तर पर उस दर्द को महसूस नहीं कर सकता है।

बाइडन ने कहा कि लेकिन अब वे इस काम को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उधर, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि काबुल हवाई अड्डे पर निकासी उड़ानें शुक्रवार को कई घंटों के लिए रुकी हुई थीं। हालांकि, दोपहर बाद फिर से उड़ानें फिर से शुरू करने का आदेश दिया गया