असम, सिलचर: कांग्रेस का साथ छोड़कर 16 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस टीएमसीमें शामिल हुई सुष्मिता देव आज अपने गृह शहर सिलचर पहुंची। कोलकाता से सिलचर पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
इसके बाद वे 75 गाड़ियों और मोटरसाइकिलों के एक काफिले के साथ वह कछार क्लब पहुंची। कछार क्लब में सुष्मिता के समर्थन में कांग्रेस के 10 पदाधिकारियों सहित 34 वरिष्ठ लोगों ने त्यागपत्र दे दिया। त्याग पत्र देने वालों का कहना था कि वे सुष्मिता के साथ टीएमसी में रहेंगे। इस मौके पर सुष्मिता ने कहा कि वर्तमान राजनीति में भाजपा का विकल्प बनने की क्षमता सिर्फ ममता बनर्जी में है।
इसलिए वे सारे पूर्वोत्तर में तृणमूल कांग्रेस को स्थापित करना चाहती हैं। उन्हें कोई पद की आकांक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अपने समर्थकों के बूते पर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एक कर सारे राज्य में तृणमूल का संगठन मजबूत करेंगी। इसके बाद ही कार्यकारिणी समिति व अन्य पदाधिकारियों की घोषणा की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि देश की वर्तमान राजनीति में सिर्फ ममता बनर्जी ही सांप्रदायिक ताकतों को चुनौती दे सकती हैं। लिहाजा उन्होंने बिना शर्त या पद की लालसा के टीएमसी ज्वाइन की है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अबकी बार खेला होबे।



