असम, गुवाहाटी : केंद्रीय विद्युत और ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह ने आज यहां पूर्वोत्तर राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना पर चर्चा की गई। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बिजली विकास की कुंजी है और कोई भी देश तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसके पास पर्याप्त बिजली की आपूर्ति न हो।
शक्ति सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, जो किसी राष्ट्र की प्रगति का मुख्य कारक है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर सहित देश में बिजली की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 21 घंटे प्रतिदिन और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे हो गई है। पूर्वोत्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में पूर्वोत्तर में बिजली व्यवस्था का जबरदस्त विकास हुआ है और इस क्षेत्र के लगभग सभी राज्यों ने अपनी बिजली व्यवस्था को सुधारने में कामयाबी हासिल की है।
उन्होंने कहा कि आज पूर्वोत्तर में बिजली व्यवस्था 4 साल पहले की तुलना में बहुत अलग है। पुर्नोत्थान वितरण योजना के बारे में उनका कहना था कि इस योजना से घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। बिजली की बढ़ती मांग ने वितरण बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण को आवश्यक बना दिया है।
योजना के क्रियान्वयन से उपभोक्ता सशक्तिकरण होगा। यह योजना प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग और सिस्टम मीटरिंग और वितरण बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। प्रणाली के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने बताया कि घाटे को कम करने के लिए राज्यों को बिलिंग दक्षता में सुधार करने, सरकारी विभागों द्वारा बिजली की खपत के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने आदि पर ध्यान देने की जरूरत है।
मंत्री ने कहा कि योजना के ईमानदारी से क्रियान्वयन होने से नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सकेगा बल्कि कुशल और वित्तीय रूप से टिकाऊ बिजली वितरण क्षेत्र विकसित किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा, राज्य के ऊर्जा मंत्री बिमल बोरा और विद्युत मंत्रालय के सचिव भी उपस्थित थे।





