केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को देर रात मिली जमानत

महाराष्ट्र, मुंबई:  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विवादित बयान देने के सिलसिले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को रायगढ़ जिले में महाड मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत दे दी है। राणे के वकील अनिकेत निकम ने कहा था कि वह केंद्रीय मंत्री की गिरफ्तारी का विरोध करेंगे और जमानत मांगेंगे।

निकम ने कहा कि पुलिस राणे को गिरफ्तार करने से पहले कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने में विफल रही। राणे को रत्नागिरि पुलिस ने मंगलवार दोपहर को गिरफ्तार किया था और फिर उन्हें महाड ले जाया गया। महाड में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 189 (लोकसेवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने) और धारा 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) तथा धारा 505 (सार्वजनिक तौर पर शरारत से संबंधित बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया।

दरअसल नारायण राणे ने जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने की बात कही थी। राणे ने दावा किया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं और इसी संदर्भ में मंत्री ने यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हुए हैं।

भाषण के दौरान वह पीछे मुड़ कर इस बारे में पूछताछ करते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता। इसके बाद बवाल भड़क गया शिवसैनिक सड़क पर उतर गए। अलग-अलग जिलों में बीजेपी दफ्तर तक पर शिवसैनिकों ने हमला किया निशाना बनाया। बीजेपी के कार्यकर्ताओं से सीधी भिड़ंत हुई। महाराष्ट्र के एक दर्जन जिलों में सड़क पर मानो जंग ही छिड़ गई हो।

नासिक-मुंबई-अमरावती और रत्नागिरी समेत कई शहरों में शिवसैनिकों ने नारायण राणे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शिवसैनिकों ने औरंगाबाद में जो किया वो एकदम हैरान करने वाला था। कई सौ शिवसैनिक नारायण राणे के विरोध में सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान शिवसैनिकों के हाथों में मुर्गियां थीं। शिवसैनिकों ने नारायण राणे मुर्गी चोर के नारे लगाए। वहीं दूसरी तरफ राणे के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नासिक में राणे समर्थक और शिवसैनिक आपस में भिड़ गए। दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई, जमकर हंगामा हुआ।