नई दिल्ली : कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन को लेकर पूरी दुनिया डरी हुई है। हर रोज खबरें आती हैं कि आज इस देश में भी ओमीक्रोन पहुंच गया। आज उस शहर में भी ओमीक्रोन ने दस्तक दे दी। दक्षिण अफ्रीका में पहली बार सामने आए ओमीक्रोन वेरिएंट को लेकर दहशत का माहौल इसलिए भी बना, क्योंकि जानकार इसे डेल्टा से ज्यादा संक्रामक बता रहे हैं। हालांकि इसके गंभीर परिणामों को लेकर शुरू से ही संदेह व्यक्त किया था।
जानकार शुरू से ही मान रहे हैं कि ओमीक्रोन वेरिएंट भले ही ज्यादा संक्रामक हो, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु का खतरा इसमें कम है। ओमीक्रोन वेरिएंट में डेल्टा के मुकाबले बहुत ज्यादा म्यूटेशन होने के कारण भी लोग डरे हुए थे और डर इस बात को लेकर भी था कि मौजूदा वैक्सीन इस पर काम करेंगी या नहीं। इन सभी डर और चिंताओं को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने खत्म कर दिया है। संगठन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा यह मानने का कोई कारण ही नहीं है कि ओमीक्रोन पहले के वेरिएंटों से अधिक गंभीर है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना भी निराधार ही है कि इस पर मौजूदा वैक्सीन काम नहीं करेंगी। संगठन के आपात निदेशक माइकल रयान ने बताया कि वर्तमान में ऐसे कोई संकेत नहीं हैं। जिससे यह माना जाए कि ओमीक्रोन वेरिएंट पिछले कोविड -19 वेरिएंटों की तुलना में अधिक संक्रामक और गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीकों को ओमीक्रोन वेरिएंट के खिलाफ भी लोगों को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।
उन्होने कहा हमारे पास अत्यधिक प्रभावी टीके मौजूद हैं, जो कोरोना वायरस के सभी पिछले वेरिएंट्स के खिलाफ प्रभावी साबित हुए हैं। इन टीकों के कारण ही लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़े और अस्पताल में भर्ती होने होने की नौबत भी कम आई। इसलिए ओमीक्रोन के खिलाफ मौजूदा वैक्सीन्स पर भरोसा न करने का कोई कारण नहीं है।






