नई दिल्ली: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने आज टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया है। उन्होंने जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीता है। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.58 मीटर रहा। ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को 13 साल बाद दूसरा गोल्ड मिला।
बीजिंग ओलंपिक 2008 में पहली बार स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा दिग्गज शूटर अभिनव बिंद्रा ने किया था। आज के मुकाबले में सभी 12 एथलीटों अपने तीन प्रयास पूरे किए जिसमें भारत के नीरज चोपड़ा 87.58 मीटर के थ्रो के साथ पहले स्थान पर बने रहे।
उन्होंने तीसरे प्रयास में ये थ्रो किया था। दूसरे स्थान पर चेक रिपब्लिक के विटदेस्लाव वेसेली हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 85.44 मीटर का रहा। तीसरे स्थान पर जूलियन वेबर रहे। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 85.30 मीटर का रहा है और पाकिस्तान के अरशद नदीम 84.62 मीटर के थ्रो के साथ चौथे नंबर पर हैं।
भारत ने इसमें 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज समेत कुल 7 मेडल जीते। 2012 लंदन ओलिंपिक में 6 मेडल जीते थे। भारत का यह सबसे सफल ओलिंपिक बन गया है। लंदन ओलिंपिक में भारत ने 6 मेडल जीते थे। टोक्यो ओलिंपिक में भारत ने 7 मेडल जीत लिए हैं।
गौरतलब है कि नीरज के गोल्ड के अलावा मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर, पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में ब्रॉन्ज और लवलिना बरगोहाई ने बॉक्सिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इसके अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज और कुश्ती में रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं बजरंग ने आज ब्रॉन्ज मेडल जीता। इंडियन आर्मी में काम करने वाले नीरज अपने करियर में ओलिंपिक से पहले 5 मेगा स्पोर्ट्स इवेंट में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन चैंपियनशिप, साउथ एशियन गेम्स और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।



