असम, चिरांग : असम के चिरांग जिले में शुक्रवार को भूटान सीमा के पास स्थित रुनीखाता रेंज कार्यालय पर भीड़ ने हिंसक हमला कर दिया। यह तनाव तब शुरू हुआ जब वन विभाग ने रिपू-चिरांग रिजर्व फॉरेस्ट, जो सिखना जहलाओ नेशनल पार्क का हिस्सा है, वहां से अवैध कब्जे और पेड़ काटने के आरोप में कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया। इसके विरोध में गुस्साए लोगों ने न केवल कार्यालय में तोड़फोड़ की, बल्कि फर्नीचर को सड़क पर निकालकर जला दिया और सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने पत्थरों से रास्ता भी जाम कर दिया, जिससे स्थिति काफी गंभीर हो गई।इस विवाद की जड़ें गुरुवार से जुड़ी हैं जब वन विभाग की टीम ने कुछ लोगों को पकड़ा था। गुरुवार रात को भी दफ्तर का घेराव किया गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह लाठी-डंडों से लैस भीड़ के आने के बाद हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वन कर्मियों ने पहले उनके साथ मारपीट की थी, जिसमें दो महिलाएं घायल हुई थीं। इसी मारपीट से नाराज होकर लोग दोषी वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उनसे अपनी शिकायतें लिखित में देने की अपील की, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके।
गंगटोक में महिला आरक्षण अधिनियम के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब
सिक्किम, गंगटोक : सिक्किम की राजधानी गंगटोक में 17 अप्रैल को महिला आरक्षण अधिनियम के समर्थन में एक विशाल रैली...
Read more






