क्षेत्रीय समितियों का पुनर्गठन

असम-मेघालय सीमा विवाद सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम, क्षेत्रीय समितियों का पुनर्गठन

मेघालय, ​शिलांग : असम और मेघालय के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मेघालय के मुख्य सचिव डॉ. शकील पी. अहमद द्वारा जारी की गई एक अधिसूचना के अनुसार दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सीमा वार्ता के दूसरे चरण में तेजी लाने के लिए क्षेत्रीय समितियों का पुनर्गठन किया गया है। सरकार का यह नया फैसला 20 मार्च 2023 को जारी किए गए पिछले आदेश का स्थान लेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पहले चरण के तहत छह विवादित क्षेत्रों के सफल समाधान के बाद बचे हुए बाकी हिस्सों पर बातचीत की प्रक्रिया को गति देना है।​इससे पहले मार्च 2022 में दोनों राज्यों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके तहत कुल 12 विवादित क्षेत्रों में से छह का स्थायी समाधान निकाल लिया गया था। इन क्षेत्रों में ताराबारी, गिजांग, हाहिम, बोकलापारा, खानापारा-पिलांगकाटा और राताचेरा शामिल थे। इस समझौते के तहत लगभग 36.79 वर्ग किलोमीटर विवादित भूमि का निपटारा किया गया था, जिसमें से मेघालय को लगभग 18.51 वर्ग किलोमीटर और असम को लगभग 18.28 वर्ग किलोमीटर जमीन मिली थी।​इस शुरुआती सफलता के बाद अब दोनों राज्यों के बीच बाकी बचे छह विवादित क्षेत्रों को सुलझाने की तैयारी है, जिन पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है। इन क्षेत्रों में लांगपिह, बोरदुआर, नोंगवाह-मावतामुर, देशदूनरेह, ब्लॉक-II और ब्लॉक-I/प्सियार-खंडुली शामिल हैं। इसके अलावा इस सूची में अत्यधिक संवेदनशील माना जाने वाला लापांगप-मुकरोह क्षेत्र भी शामिल है, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुनर्गठित समितियों के माध्यम से सरकार इन सभी लंबित क्षेत्रों में शांतिपूर्ण और सर्वसम्मत समाधान तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

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