नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे दी है, जिससे देश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का अगले चरण का रास्ता साफ हो गया है। यह कदम इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दिसंबर 2021 में शुरू किए गए इसके पहले चरण का बजट 76,000 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले नए चरण के बजट में लगभग 65 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी की गई है। सरकार का यह बढ़ा हुआ निवेश साफ दर्शाता है कि भारत अब केवल चिप की असेंबलिंग और टेस्टिंग तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि देश के भीतर ही अत्याधुनिक और कमर्शियल स्तर के बड़े फैब्रिकेशन प्लांट्स स्थापित करना चाहता है। इस विशालकाय फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में चिप प्लांट, डिस्प्ले फैब और कंपाउंड सेमीकंडक्टर इकाइयां लगाने वाली वैश्विक व घरेलू कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन देने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, इस बार सरकार का ध्यान केवल पारंपरिक चिप्स पर नहीं, बल्कि स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल और एआई में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक नोड्स वाले चिप्स के निर्माण पर भी रहेगा। इसके अलावा देश के भीतर चिप डिजाइनिंग करने वाले घरेलू स्टार्टअप्स को मजबूत करने और सेमीकंडक्टर ग्रेड केमिकल्स व गैसेस जैसी सहायक निर्माण इकाइयों को विकसित करने में भी इस बजट का बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा।
आईएसएम 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी
नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 के लिए 1.25 लाख...
Read more






